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सहसवान: जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक की मांग, राज्यपाल को भेजा गया ज्ञापन।

सहसवान: जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक की मांग, राज्यपाल को भेजा गया ज्ञापन।

प्रधान संपादक, रवि कुमार शाक्य 

सहसवान, बदायूं: रामपुर स्थित मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 परिसरों और इमारतों पर मंडरा रहे ध्वस्तीकरण के खतरे को लेकर विरोध गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में सहसवान से पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाफ़िज़ इरफ़ान ने उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सहसवान को सौंपा है, जिसमें यूनिवर्सिटी के भवनों को गिराने के आदेश पर फौरन रोक लगाने की जोरदार मांग की गई है।

सौंपे गए ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय प्रदेश का एक प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां इन दिनों हजारों छात्र-छात्राएं अपना भविष्य संवार रहे हैं। यह संस्थान केवल ईंट-पत्थर और सीमेंट की इमारतें नहीं हैं, बल्कि यह यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे युवाओं के सपनों, उनके अभिभावकों की आशाओं और शिक्षकों की वर्षों की कड़ी मेहनत का जीवंत प्रतीक है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि इस तरह के किसी भी कदम से न केवल छात्रों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ेगा, बल्कि शिक्षकों और कर्मचारियों का भविष्य भी अधर में लटक जाएगा, जिसका नकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।

हाफ़िज़ इरफ़ान ने अपने संबोधन में याद दिलाया कि इस यूनिवर्सिटी की स्थापना महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मुहम्मद अली जौहर की शैक्षिक सोच और उनके आदर्शों के आधार पर की गई थी। यही कारण है कि इस संवेदनशील मामले में कोई भी फैसला लेने से पहले तमाम कानूनी, संवैधानिक और मानवीय पहलुओं पर बेहद संजीदगी से विचार किया जाना चाहिए।

महामहिम राज्यपाल से गुहार लगाते हुए उन्होंने मांग की कि यूनिवर्सिटी के भवनों को तोड़े जाने से संबंधित आदेश को तुरंत प्रभाव से खारिज किया जाए। साथ ही, पूरे प्रकरण की पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा कराई जाए, जिससे छात्र-छात्राओं के हितों की रक्षा हो सके और संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी रुकावट के चलती रहें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा के मंदिरों के संबंध में कोई भी निर्णय लेते समय हमेशा विद्यार्थियों के भविष्य को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से गुलफाम सिंह यादव, रज़ी अहमद राजू, मुकर्रम अंसारी, अजमल हुसैन, एडवोकेट क़सीम सरवर, शोएब अहमद शब्बू, हाफ़िज़ आतिफ रज़ा, शानू प्रधान बाग़वाला और मुबीन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

 

 

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