Breaking News

162 करोड़ के बकाये पर किसानों का शक्ति प्रदर्शन, गन्ना समिति में गूंजा आंदोलन।

ढाई हजार से अधिक किसानों ने दिया धरना, व्यापार मंडल और बार एसोसिएशन ने किया समर्थन; दीपावली तक भुगतान नहीं तो चक्का जाम की चेतावनी।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बहेड़ी (बरेली)। केसर चीनी मिल पर किसानों के बकाया 162 करोड़ रुपये के भुगतान का मुद्दा शुक्रवार को बड़े आंदोलन में तब्दील हो गया। संयुक्त पीड़ित किसान संगठन के बैनर तले ढाई हजार से अधिक किसानों ने गन्ना समिति परिसर में धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। किसानों के समर्थन में बाजार बंद रहने की बात भी सामने आई। व्यापार मंडल और बार एसोसिएशन ने आंदोलन को समर्थन देते हुए बकाया भुगतान की मांग उठाई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि दीपावली तक भुगतान नहीं हुआ तो चक्का जाम कर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

चौधरी विजेंद्र सिंह, सरदार इकबाल सिंह चीमा और अनमोल गर्ग की अगुवाई में आयोजित धरने में वक्ताओं ने कहा कि केसर चीनी मिल पर भुगतान बकाया होने के कारण करीब 75 हजार किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने से किसानों के सामने खेती और घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।

गन्ना समिति अध्यक्ष राजेंद्र गंगवार ने आरोप लगाया कि मिल प्रबंधन की मंशा ठीक नहीं होने के कारण उसके गन्ना क्रय केंद्र दूसरी मिलों को आवंटित किए गए हैं। एडवोकेट विनीत सिंह ने मिल की बिक्री के सौदे पर सवाल उठाते हुए इसे नीलामी टालने की कोशिश बताया। वहीं व्यापार मंडल नेता अतुल गर्ग ने किसानों की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिया। किसान नेता रवि ढाका ने कहा कि चीनी, एथेनॉल और अन्य उप-उत्पादों से मिलों को मुनाफा हो रहा है, लेकिन गन्ना किसानों को उनका भुगतान नहीं मिल पा रहा है।

धरने में पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार, एसडीएम गोपाल शर्मा और सीओ अरुण कुमार सिंह के सामने किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं। किसानों ने दूसरे जिलों की मिलों को करीब 150 किलोमीटर दूर गन्ना क्रय केंद्र आवंटित किए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इतनी दूर गन्ना ले जाने से ढुलाई का खर्च बढ़ेगा और इसका सीधा आर्थिक बोझ किसानों पर पड़ेगा।

इस पर जिला गन्ना अधिकारी ने आश्वस्त किया कि कोई भी मिल सरकार द्वारा निर्धारित भाड़े से अधिक रकम किसानों से नहीं वसूल सकेगी। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी की बैठक में मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित हाईवे की जमीन की दीपावली से पहले नीलामी कराने और उससे प्राप्त धनराशि किसानों के बकाया भुगतान में वितरित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि गन्ना आयुक्त ने केसर मिल का पूरा बकाया भुगतान होने तक उसे गन्ना क्षेत्र आवंटित नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में गन्ना समिति बोर्ड भी प्रस्ताव पारित कर चुका है।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने एसडीएम गोपाल शर्मा को दो सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट किया कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि बकाया धनराशि का भुगतान चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि दीपावली तक भुगतान नहीं हुआ तो चक्का जाम की तारीख घोषित कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

धरने में नरेंद्र सिंह, केंद्रपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, राकेश गंगवार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

Spread the love

Check Also

बदायूं में जल निगम चला रहा सड़क पुनर्स्थापना अभियान, क्षतिग्रस्त सड़कों की सूचना देने की अपील।

बदायूं में जल निगम चला रहा सड़क पुनर्स्थापना अभियान, क्षतिग्रस्त सड़कों की सूचना देने की …