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मानकों को ताक पर रखकर किसानों की भूमि की नीलामी, किसानों ने की जांच की मांग।

मानकों को ताक पर रखकर किसानों की भूमि की नीलामी, किसानों ने की जांच की मांग।

मोहम्मद असलम, संवाददाता 

लखीमपुर-खीरी। जिले में किसानों की जमीन की नीलामी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसानों का आरोप है कि बिना किसी नोटिस और जानकारी दिए उनकी कृषि भूमि की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसको लेकर पीड़ित किसानों ने जिला अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर नीलामी पर रोक लगाने और पूरे मामले की जांच कराने की गुहार लगाई है।

किसानों का कहना है कि आराजी स्थित ग्राम किशुनपुर, परगना पैला, तहसील मितौली की गाटा संख्या 106/8.269 हे. और गाटा संख्या 175/4.225 हे. भूमि उन्हें दिनांक 31 जुलाई 1999 को उपजिलाधिकारी मितौली की अनुमति से पट्टे के रूप में आवंटित हुई थी। यह भूमि खतौनी फसली वर्ष 1413-1418 की खाता संख्या 585 पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज भी है।

पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि वे गरीब मजदूर व खेतिहर काश्तकार हैं और कानूनी प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं रखते। पूर्व उपजिलाधिकारी द्वारा भिन्न-भिन्न तिथियों में उनके पट्टों को निरस्त कर दिया गया, लेकिन इसकी कोई सूचना न तो एसडीएम द्वारा दी गई और न ही जिला अधिकारी की ओर से नोटिस भेजा गया। किसानों को इसकी जानकारी तब हुई जब उनकी गन्ने की फसल की बुवाई, सिंचाई और खाद डालने का काम पूरा हो चुका था।

किसानों का आरोप है कि अब राजस्व टीम और ग्राम प्रधान द्वारा उक्त भूमि की पैमाइश कर लाल झंडी लगाकर फसल नष्ट करने की तैयारी की जा रही है। पीड़ितों ने बताया कि वे अपनी समस्या लेकर तहसील मितौली भी गए थे, लेकिन वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

किसानों ने सोमवार, 29 सितंबर 2025 को प्रस्तावित नीलामी पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी जमीन नीलाम की गई तो वे भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की आवाज सुनता है या फिर उनकी भूमि नीलामी की भेंट चढ़ जाती है।

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