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शाहजहांपुर में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज, डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ हुई ईवीएम-वीवीपैट की FLC पर बैठक।

शाहजहांपुर में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज, डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ हुई ईवीएम-वीवीपैट की FLC पर बैठक।

संवाददाता, मुबारक अली 

शाहजहांपुर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की प्रशासनिक तैयारियों को मजबूती देते हुए कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से सभी प्रतिनिधियों को अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए ईवीएम-वीवीपैट से जुड़ी हर प्रक्रिया तय मानकों के तहत ही पूरी की जाएगी।

सुरक्षा और पारदर्शिता के कड़े इंतजामों की जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि एफएलसी हॉल में अधिकृत अधिकारियों, कर्मचारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को केवल पहचान-पत्र दिखाने और मेटल डिटेक्टर से फ्रिस्किंग के बाद ही प्रवेश मिलेगा। परिसर में आने-जाने वालों का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही, हॉल के भीतर मोबाइल फोन, कैमरा और स्पाई पेन समेत किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह पूरी FLC प्रक्रिया 2 सितंबर से शुरू होकर लगभग 20 सितंबर तक बिना किसी अवकाश के लगातार जारी रहेगी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिसर में चप्पे-चप्पे पर 24 घंटे सुरक्षा बल तैनात रहेंगे और पूरे हॉल की निगरानी 24×7 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति को निर्धारित प्रारूप में नोट किया जाएगा और इसकी दैनिक रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की गूगल शीट पर भेजी जाएगी।

जांच प्रक्रिया संपन्न होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने ही मॉक पोल कराया जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रैंडम आधार पर चुनी गई मशीनों के मॉक पोल परिणामों का मिलान वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों के साथ किया जाएगा। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधि न केवल इस पूरी प्रक्रिया का अवलोकन कर सकेंगे, बल्कि उन्हें अपनी इच्छा से स्वयं मॉक पोल करने का विकल्प भी दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने सभी को आश्वस्त किया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप एफएलसी का यह पूरा चरण पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और मानकों के दायरे में संपन्न कराया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रजनीश कुमार मिश्र के साथ-साथ विभिन्न प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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