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किसानों के आंदोलन के आगे झुका केसर मिल प्रबंधन, 11.5 करोड़ भुगतान का आश्वासन।

किसानों के आंदोलन के आगे झुका केसर मिल प्रबंधन, 11.5 करोड़ भुगतान का आश्वासन।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बहेड़ी (बरेली)। केसर चीनी मिल पर गन्ना किसानों के करीब 162 करोड़ रुपये के बकाये को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच मिल प्रबंधन ने शुक्रवार रात तक 11.5 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में भेजने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप और जिला प्रशासन की सख्ती के बाद मिल प्रबंधन हरकत में आया है। अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में प्रबंधन ने अगले 15 दिनों में किसानों का पूरा बकाया भुगतान करने और बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा संचालित करने का भरोसा दिया है।

शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जगत सिंह की मिल अधिकारियों के साथ वार्ता हुई। इस दौरान मिल मैनेजर ने 11.5 करोड़ रुपये शुक्रवार रात तक किसानों के खातों में भेजने की बात कही। वार्ता के बाद पंजाबी कॉलोनी स्थित संगठन के प्रदेश कार्यालय पर किसान नेताओं ने प्रेसवार्ता कर मिल प्रबंधन के आश्वासन की जानकारी दी।

किसान नेताओं ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले चौधरी जगत सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपा था। मुख्यमंत्री ने किसानों के बकाया भुगतान को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन की सक्रियता और दबाव के चलते मिल प्रबंधन को भुगतान के संबंध में कदम उठाने पड़े।

भाकियू के प्रदेश सचिव दानिश बाबा ने कहा कि 11.5 करोड़ रुपये का भुगतान होने के बाद भी किसानों का करीब 150.5 करोड़ रुपये बकाया रह जाएगा। ऐसे में आंशिक भुगतान से किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक किसानों को उनकी पूरी रकम नहीं मिल जाती, संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को अपनी मेहनत की कीमत पाने के लिए लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है। मिल प्रबंधन ने 15 दिनों में पूरा भुगतान करने का भरोसा दिया है। संगठन इस समयसीमा पर नजर रखेगा और वादा पूरा नहीं होने पर आगे की रणनीति तय करेगा।

प्रेसवार्ता में प्रदेश कार्यालय अध्यक्ष अमीर बाबा, प्रदेश संगठन मंत्री युवा फरहान जाफरी और युवा किसान नेता सोनू ने कहा कि किसानों के आंदोलन को किसान संगठनों, व्यापारियों और अधिवक्ताओं का भी समर्थन मिला है। उन्होंने मिल प्रबंधन से निर्धारित समयसीमा में पूरा भुगतान करने और बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा चालू करने की मांग की।

 

 

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