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किसानों ने सिंचाई विभाग को घेरा, बर्बाद फसलों के मुआवजे की उठाई मांग।

किसानों ने सिंचाई विभाग को घेरा, बर्बाद फसलों के मुआवजे की उठाई मांग।

शैलेश सिंह, संवाददाता 

चंदौली/बबुरी। जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। गढ़ई और चंद्रप्रभा नदियाँ उफान पर आ चुकी हैं। समय पर सफाई और जल निकासी न होने से हजारों एकड़ फसलें डूबकर बर्बाद हो गई हैं। इससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को घेरकर कड़ी नाराजगी जताई।

मुगलसराय तहसील क्षेत्र के पांडेयपुर, बुधवार, पचोखर, चंदाईत, हसनपुर, बौरी सहित कई गांवों के किसान भारी संख्या में इकठ्ठा होकर विभाग से जवाब मांगने पहुंचे। किसानों का कहना था कि यदि समय रहते नालों और नदियों की सफाई की जाती और जल निकासी की उचित व्यवस्था रहती, तो उनकी मेहनत और पूंजी बर्बाद न होती।

किसानों ने खासतौर पर गोधन मोड़ से लेवा तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि परियोजना के दौरान लगभग 1.7 किलोमीटर लंबे पुराने गढ़ई नाले को पीडब्ल्यूडी विभाग ने मिट्टी से पाट दिया, जिससे बरसाती पानी सीधे खेतों में भर गया और कोई निकासी का रास्ता नहीं बचा।

मौके पर मौजूद पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने किसानों की पीड़ा का समर्थन करते हुए पीडब्ल्यूडी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह विभागीय चूक है, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन से उनकी मांग है कि तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर बौरी प्रधान सतीश सिंह, रामासरे मौर्य, जनार्दन सिंह, पप्पू सिंह, मंगल सिंह, मुबारक बिंद समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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