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अवैध अस्पतालों पर प्रशासन का शिकंजा, कई अस्पतालों और क्लीनिकों पर सीलिंग की कार्रवाई।

सहसवान और आसपास के गांवों में संयुक्त टीम की छापेमारी, कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी।

सहसवान, बदायूं। जिले के सहसवान क्षेत्र में बिना वैध पंजीकरण और निर्धारित मानकों के संचालन की जांच के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने कई अस्पतालों और क्लीनिकों पर छापेमारी की। गुरुवार, 22 अक्टूबर को की गई इस कार्रवाई के दौरान विभिन्न चिकित्सा प्रतिष्ठानों के अभिलेखों की जांच की गई। कई अस्पतालों और क्लीनिकों को नोटिस जारी किए गए, जबकि कुछ के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं, बंद मिले प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा किए गए।

उप जिलाधिकारी सहसवान शौर्य अरोड़ा, क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत त्यागी के नेतृत्व में टीम ने सहसवान तथा आसपास के गांवों में स्थित अस्पतालों और क्लीनिकों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिष्ठानों के पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन की स्थिति जांची गई।

कार्रवाई के दौरान अकबराबाद चौराहे के पास स्थित स्टार हेल्थ हॉस्पिटल और हरदत्तपुर रोड स्थित भारत हॉस्पिटल के खिलाफ नोटिस जारी करने के साथ सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं, लाइफ केयर हॉस्पिटल में मुख्य द्वार उपलब्ध नहीं होने के कारण टीम सीलिंग की कार्रवाई नहीं कर सकी।

इसके अलावा सहसवान स्थित एनआईसीयू सेंटर और हरदत्तपुर रोड स्थित बालाजी क्लीनिक बंद मिले। टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा किए। उस्मानपुर स्थित नीशू क्लीनिक के खिलाफ नोटिस जारी करने के साथ सीलिंग की कार्रवाई की गई, जबकि डॉ. जितेंद्र क्लीनिक को नोटिस दिया गया। शादीपुर स्थित ओम हेल्थ केयर सेंटर पर भी नोटिस जारी करने के साथ सीलिंग की कार्रवाई की गई। कोठा स्थित विश्वास क्लीनिक बंद मिलने पर वहां भी नोटिस चस्पा किया गया।

दस्तावेज प्रस्तुत करने का दिया अवसर

छापेमारी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनएमएस अशफाक अली, नेत्र परीक्षण अधिकारी दीपक शंखधार और सलीम सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अस्पताल और क्लीनिक संचालकों के बीच हलचल बढ़ गई।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत त्यागी के अनुसार, जिन अस्पतालों और क्लीनिकों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें अपना पक्ष रखने और वैध अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। निर्धारित समय में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों के संचालन में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना और उनके पंजीकरण व आवश्यक अभिलेखों की जांच करना है। अब संबंधित संचालकों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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