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बरेली: कलेक्ट्रेट परिसर में जमीन विवाद से त्रस्त महिला ने बेटी संग किया आत्मदाह का प्रयास, एलआईयू कर्मियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा।

बरेली: कलेक्ट्रेट परिसर में जमीन विवाद से त्रस्त महिला ने बेटी संग किया आत्मदाह का प्रयास, एलआईयू कर्मियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बरेली: जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार सुबह उस समय भारी अफरातफरी मच गई, जब जमीन विवाद से परेशान एक महिला ने अपनी जवान बेटी के साथ खुद पर तेल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद एलआईयू कर्मी अमित कुमार और इंटेलिजेंस सब इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह की त्वरित और सूझबूझ भरी कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

यह घटना सुबह करीब 10:47 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला अचानक तेल की बोतल लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में बैठ गई और देखते ही देखते उसने और उसकी बेटी ने खुद पर तेल डालना शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों को काबू में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। कुछ ही देर में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया।

जमीन पर अवैध निर्माण और प्रताड़ना का आरोप

पुलिस पूछताछ में पता चला कि कैंट थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुर चिकिटिया निवासी कमलेश, पत्नी नरेश पाल सिंह, लंबे समय से एक जमीन विवाद को लेकर बेहद परेशान हैं। उनका आरोप है कि ग्राम मानपुर चिकिटिया स्थित गाटा संख्या 139 में उनकी लगभग चार बिस्वा जमीन है, जिस पर उनके जेठ राजवीर सिंह और परिवार के अन्य सदस्य जबरन अवैध निर्माण कराने की कोशिश कर रहे थे।

पीड़िता कमलेश ने बताया कि 14 जून की सुबह जब वह अपनी जमीन पर पहुंचीं, तो वहां निर्माण कार्य चल रहा था। विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई। उन्होंने घटना की सूचना डायल-112 पर दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ और कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण वह खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही थीं।

पीड़िता का कहना है कि उनका परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर है और उनके पति भी मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से अपनी जमीन पर अवैध कब्जा रुकवाने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद कैंट पुलिस महिला और उसके परिजनों को थाने ले गई, जहां अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रणाली पर उठे सवाल

इस गंभीर घटना ने जिला मुख्यालय जैसी अतिसंवेदनशील जगह की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि कलेक्ट्रेट परिसर जैसे सुरक्षा घेरे के अंदर कोई व्यक्ति ज्वलनशील पदार्थ लेकर आसानी से कैसे पहुंच गया। इसके अलावा, आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए परिसर में सुरक्षा व बचाव के पर्याप्त इंतजामों की पोल भी खुल गई है।

यह पूरी घटना केवल एक परिवार की निजी पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक शिकायत निस्तारण प्रणाली की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर क्यों आम नागरिकों को अपनी फरियाद सुनवाने के लिए आत्मदाह जैसे चरम कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

बाइट अविनाश सिंह डीएम बरेली।

 

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