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बरेली: जीएसटी के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन।

बरेली: जीएसटी के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन।

संवाददाता: मोहम्मद वसीम

बरेली। जीएसटी व्यवस्था में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों और विभागीय अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को एडिशनल कमिश्नर जीएसटी ट्रेड-1 को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जीएसटी कानून के नाम पर ईमानदार कारोबारियों को अनावश्यक नोटिस, जांच और दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र का व्यापारिक माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

अकरम खान ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कई मामलों में पूरा कर जमा होने के बावजूद छोटी-सी तकनीकी त्रुटि या मानवीय भूल को आधार बनाकर व्यापारियों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और छोटे व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने मुख्य मांग रखते हुए कहा कि 40 लाख रुपये से कम वार्षिक कारोबार करने वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के लिए बाध्य न किया जाए, जांच और सर्वे के दौरान दबाव बनाकर कर वसूली की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जाए तथा विलंबित कर भुगतान पर लगने वाली 18 प्रतिशत ब्याज दर को घटाकर 6 प्रतिशत किया जाए।

व्यापारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कई अन्य अहम मांगें भी शामिल हैं, जिनमें जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को डिजिटल कार्यों के संचालन के लिए लैपटॉप और आवश्यक सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराना, दंडात्मक प्रावधानों से जेल की सजा समाप्त कर केवल आर्थिक दंड का नियम बनाना, जीएसटी रिफंड स्वतः बैंक खातों में भेजना और रिफंड प्रक्रिया में देरी होने पर विभाग द्वारा 18 प्रतिशत ब्याज देना शामिल है। इसके साथ ही तंबाकू, पैकिंग सामग्री और कागज जैसे विभिन्न उत्पादों पर जीएसटी दरों में मौजूद विसंगतियों को दूर करने तथा ई-वे बिल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की पुरजोर मांग उठाई गई।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने दोटूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन सभी 12 सूत्रीय मांगों पर शासन और प्रशासन स्तर पर जल्द से जल्द गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के व्यापारी उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान परवेज आलम, राजेश कुमार दिवाकर, डॉ. मुदित प्रताप सिंह, जावेद सलमानी और कमल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में प्रमुख व्यापारी मौजूद रहे।

बाइट अकरम खान व्यापार मंडल जिला अध्यक्ष बरेली

 

 

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