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बलरामपुर: अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थारू जनजाति के लोग, डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन और पुतला दहन।

बलरामपुर: अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थारू जनजाति के लोग, डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन और पुतला दहन।

संवाददाता, गुलाम नबी कुरैशी 

बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे जंगलों में निवास करने वाली थारू जनजाति के लोग अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और विभिन्न मांगों को लेकर मुखर हो गए हैं। गोंड एवं अन्य कुछ जातियों को आदिवासी समाज में शामिल करने और उन्हें अनुसूचित जनजाति (ST) का आरक्षण दिए जाने के विरोध में थारू समाज के सैकड़ों लोग प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री की मौजूदगी के बीच बलरामपुर जिला मुख्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस जोरदार प्रदर्शन के दौरान थारू जनजाति के लोगों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त की।

सीमावर्ती क्षेत्रों से लगभग 70 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने को लेकर था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से फर्जी एसटी प्रमाण पत्र बनवाए जाने की उच्चस्तरीय जांच कराने और इसमें संलिप्त दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। विरोध प्रदर्शन के उग्र होने पर प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव का पुतला भी फूंका। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस बल ने पुतला फूंकने से रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक और झड़प भी देखने को मिली।

मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बहादुर चौधरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग फर्जी तरीके से एसटी प्रमाण पत्र हासिल कर अनुसूचित जनजाति के वास्तविक अधिकारों पर डाका डाल रहे हैं। वहीं, थारू कल्याण समिति के संरक्षक धनीराम चौधरी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया जिलों में ऐसे कई मामलों की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिसके बाद कुछ प्रमाण पत्र निरस्त भी किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से इस प्रकार के फर्जी प्रमाण पत्र धड़ल्ले से जारी किए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें उनके पद से हटाने या बर्खास्त करने की मांग की। इसके साथ ही, थारू कल्याण समिति के संरक्षक धनीराम चौधरी ने रामकोला विधानसभा सीट से भाजपा विधायक विनय प्रकाश गोंड पर भी फर्जी एसटी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव जीतने और विधायक बनने का गंभीर आरोप लगाया है।

आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो वास्तविक एसटी समुदाय के अधिकार सुरक्षित नहीं रह पाएंगे। उग्र प्रदर्शन और पुतला दहन के बीच पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा रहा। अंत में प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे बड़ी संख्या में दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने के लिए विवश होंगे।

Byte – विजय बहादुर चौधरी राष्ट्रीय अध्यक्ष आदिवासी जनजाति कल्याण संस्थान।

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