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मेला ककोड़ा की तैयारियों को लेकर सीडीओ ने की बैठक, बिजली-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश।

17 नवंबर को होगा झंडी पूजन, 23 नवंबर को मेले का उद्घाटन और 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर मुख्य स्नान।

बदायूं। रोहिलखंड के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध मेला ककोड़ा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा करते हुए मेले को भव्य, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत, स्वच्छता, शौचालय, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।

सीडीओ ने बताया कि मेला ककोड़ा का आयोजन 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। ककोड़ा देवी मंदिर से झंडी मेला स्थल पर पहुंचेगी, जहां 17 नवंबर को झंडी पूजन होगा। 23 नवंबर को मेले का उद्घाटन किया जाएगा, जबकि 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मुख्य स्नान होगा।

सुरक्षा के लिए लगेंगे सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर

मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीडीओ ने पुलिस विभाग और जिला पंचायत के अधिकारियों को संयुक्त रूप से मेला स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरे मेले को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया जाए और अस्थायी कोतवाली में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घुड़सवार पुलिस, पीएसी, मोटरबोट के साथ तैराकी पुलिस, वॉच टावर और पर्याप्त अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था करने को भी कहा गया।

सफाई और पेयजल पर रहेगा विशेष जोर

सीडीओ ने मेले में प्लास्टिक के डिस्पोजल गिलास, दोना-पत्तल और पॉलिथिन पर प्रतिबंध सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त सफाईकर्मी, वाटर टैंक, मोबाइल टॉयलेट और अस्थायी शौचालय उपलब्ध कराने को कहा गया। शौचालयों की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि गंदगी न फैलने पाए। श्रद्धालुओं के लिए 525 अस्थायी हैंडपंपों के अतिरिक्त पेयजल टैंकरों की व्यवस्था भी की जाएगी।

अस्थायी अस्पताल और एंबुलेंस की होगी व्यवस्था

श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मेले में अस्थायी चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा। सीडीओ ने पर्याप्त चिकित्सक, चिकित्सा स्टाफ, दवाइयां, उपकरण और बेड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके साथ ही मेले में पर्याप्त जनरेटर, एलईडी बल्ब, फोकस लाइट और हाईमास्ट लाइट लगाई जाएंगी। धूल से बचाव के लिए पानी के टैंकरों से नियमित छिड़काव कराने और दूध-दही की बिक्री के लिए स्टॉल लगवाने के निर्देश भी दिए गए।

श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए चलेंगी बसें

मेले तक पहुंचने वाले मार्गों पर गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से मिलने पर लोक निर्माण विभाग को प्राथमिकता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए रोडवेज के साथ निजी बसों की व्यवस्था की जाएगी।

बैठक में रोडवेज के एआरएम के स्वयं उपस्थित न होने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण बैठकों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी है। उन्होंने एआरएम की अनुपस्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होंगी खेल प्रतियोगिताएं

मेले में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कला, जादू और कठपुतली के आयोजन किए जाएंगे। सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विकास प्रदर्शनी और एलईडी वैन की व्यवस्था भी होगी। खेल गतिविधियों के लिए अस्थायी स्टेडियम बनाया जाएगा, जहां कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबॉल और दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

इसके अलावा पशुओं के उपचार के लिए पर्याप्त दवाओं और स्टाफ सहित अस्थायी पशु चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य निरीक्षकों की तैनाती होगी। संचार व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए बीएसएनएल, एयरटेल और जियो सहित मोबाइल नेटवर्क कंपनियों के अस्थायी टावर लगाए जाएंगे।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन मानवेन्द्र सिंह, एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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