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राजकीय महाविद्यालय में वनस्पति विज्ञान के विद्यार्थियों ने जाना पौधों का आर्थिक महत्व।

राजकीय महाविद्यालय में वनस्पति विज्ञान के विद्यार्थियों ने जाना पौधों का आर्थिक महत्व।

आई एम खान 

बदायूं। राजकीय महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित 15 दिवसीय स्टूडेंट्स सेमिनार श्रृंखला में आवृतबीजी पौधों के पैपेवरेसी एवं रोजेसी कुल के परिचय, वर्गीकरण, लक्षणों और आर्थिक महत्व पर चर्चा की गई।

सेमिनार में बीएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा शिखा शाक्य ने पैपेवरेसी कुल के परिचय, वर्गीकरण, कायिक एवं पुष्पीय लक्षण, पुष्पीय सूत्र तथा आर्थिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कुल के पौधे प्रायः एकवर्षीय शाक होते हैं। इनमें सफेद या पीले रंग का दूधिया स्राव पाया जाता है। इस कुल का प्रमुख उदाहरण अफीम है, जिसके लेटेक्स से मॉर्फिन और पैपावरिन जैसी महत्वपूर्ण औषधियां प्राप्त होती हैं। इसके बीज खसखस का उपयोग मिठाइयों एवं मसालों में किया जाता है। वहीं सत्यानाशी और कैलिफोर्निया पोपी औषधीय एवं सजावटी दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

इसके बाद छात्र आदित्य दुबे ने आवृतबीजी पौधों के रोजेसी कुल के परिचय, वर्गीकरण, कायिक एवं पुष्पीय लक्षण, पुष्पीय सूत्र तथा आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ. सरिता ने किया।

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