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संकट में बच्चों की मदद के लिए 1098, साइबर ठगी पर 1930; बहेड़ी में विद्यार्थियों को बताए कानूनी अधिकार।

विधिक जागरूकता शिविर में सिविल जज योगेश कुमार चौधरी ने दी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी, बोले—परेशानी या उत्पीड़न होने पर चुप न रहें, समय पर मदद लें।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बहेड़ी, बरेली। बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा और सहायता के उपलब्ध माध्यमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महात्मा गांधी मेमोरियल इंटर कॉलेज, बहेड़ी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बरेली के तत्वावधान में आयोजित शिविर में सिविल जज जूनियर डिवीजन बहेड़ी योगेश कुमार चौधरी ने छात्र-छात्राओं को बाल सुरक्षा, यौन उत्पीड़न से बचाव, साइबर अपराध और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी।

सिविल जज योगेश कुमार चौधरी ने विद्यार्थियों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी परेशानी, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय समय पर सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि संकट में बच्चों की मदद के लिए **1098 चाइल्ड हेल्पलाइन**, आपातकालीन सहायता के लिए **112**, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए **1930** और निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी के लिए **15100** हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बरेली से भी कानूनी सहायता के संबंध में संपर्क किया जा सकता है। विद्यार्थियों को इन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी अपने परिवार और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

शिविर में बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में विस्तार से समझाया गया। योगेश कुमार चौधरी ने कहा कि यदि किसी बच्चे को किसी के व्यवहार या अनुचित स्पर्श से असहज महसूस हो, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

उन्होंने पॉक्सो एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए छात्र-छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

सिविल जज ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने और अनजान लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ अकेले जाने या संदिग्ध गतिविधियों को नजरअंदाज करने से बचना चाहिए। ऑनलाइन धमकी, ठगी या उत्पीड़न की स्थिति में किसी भरोसेमंद व्यक्ति और संबंधित सहायता तंत्र से संपर्क करना चाहिए।

बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि भारत में विवाह की न्यूनतम कानूनी आयु महिलाओं के लिए 18 वर्ष और पुरुषों के लिए 21 वर्ष है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने और अपने भविष्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्राचार्य राकेश कुमार ने मुख्य अतिथि योगेश कुमार चौधरी को बुके भेंट कर स्वागत किया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित शिविर का उद्देश्य बच्चों को कानूनी अधिकारों, बाल सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण और निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र कुमार ने किया। पराविधिक स्वयंसेवक सोनू देवी की भी भूमिका रही।

इस अवसर पर एडवोकेट नत्थू लाल, पैनल अधिवक्ता सोनू देवी, प्रवक्ता भुवनेश्वर चौहान, नमिता मिश्रा, अपर्णा मिश्रा, गुंजन, मनीषा यादव, करन सिंह, गौरव सिंह राठी, देवेंद्र कुमार, महेश शर्मा, आलोक गंगवार, रामनाथ, रमेश चंद जोशी, नवेद फैसल, ज्ञान प्रकाश, जितेंद्र पाल, विक्रम शर्मा, मनोज कुमार, राजवीर, अनिल कुमार, यशपाल, दिनेश कुमार, अरशद अली, पुनीत कुमार जौहरी, हरीश कुमार शर्मा, अब्दुल खालिद, मोहम्मद शाहिद, डॉ. सुरेंद्र पाल, पंकज कुमार, सुरेंद्र गंगवार, तेन सिंह और विशाल कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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