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केसर मिल की जमीन की नीलामी फिर टली, भुगतान की आस लगाए बैठे किसानों में आक्रोश।

केसर मिल की जमीन की नीलामी फिर टली, भुगतान की आस लगाए बैठे किसानों में आक्रोश।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बहेड़ी (बरेली)। केसर शुगर मिल की जमीन की नीलामी शनिवार को एक बार फिर टल गई। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को इससे निराशा हाथ लगी। नीलामी में शामिल होने के लिए चार खरीदारों के प्रतिनिधि तहसील पहुंचे, लेकिन केवल एक खरीदार की ओर से डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) जमा किए जाने के कारण बोली की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। नीलामी टलने की जानकारी मिलते ही किसानों और किसान नेताओं ने तहसील परिसर में हंगामा कर नाराजगी जताई। बाद में एडीएम संतोष कुमार ने सोमवार को प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान शांत हुए।

मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित केसर शुगर मिल की 11.443 हेक्टेयर जमीन का आरक्षित मूल्य करीब 35 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। शनिवार, 24 अक्टूबर को प्रस्तावित नीलामी से किसानों को उम्मीद थी कि जमीन की बिक्री के माध्यम से बकाया गन्ना भुगतान का रास्ता साफ होगा, लेकिन आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं होने से बोली शुरू नहीं हो सकी।

नीलामी में शामिल होने के लिए किच्छा निवासी ग्यारसी लाल अग्रवाल, रुद्रपुर निवासी पुनीत अग्रवाल की एपी ट्रेडर्स, एसएनजी इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और किच्छा निवासी अजय पाल यादव के प्रतिनिधि पहुंचे थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डिमांड ड्राफ्ट केवल एसएनजी इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जमा किया गया। इसके चलते नीलामी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।

नीलामी रुकने से नाराज किसानों ने तहसील परिसर में हंगामा करते हुए अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी। किसानों का कहना था कि वे लंबे समय से गन्ने के बकाया मूल्य का भुगतान मिलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन नीलामी की प्रक्रिया बार-बार रुकने से उनकी उम्मीदें टूट रही हैं। इस दौरान काफी देर तक तहसील परिसर में गहमागहमी बनी रही।

मौके पर पहुंचे एडीएम संतोष कुमार ने किसानों को बताया कि नीलामी निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक शर्तों के अनुसार ही कराई जाएगी। उन्होंने सोमवार को खरीदारों के डीडी के साथ पहुंचने पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने विरोध समाप्त किया।

अब किसानों की निगाहें सोमवार को होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। नीलामी कब पूरी होगी और बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की दिशा में कब ठोस कदम उठाया जाएगा, इसे लेकर किसान इंतजार कर रहे हैं।

इस दौरान एसडीएम गोपाल शर्मा, तहसीलदार भानु प्रताप सिंह, सीओ अजय कुमार, इंस्पेक्टर दिनेश कुमार शर्मा, केसर मिल के जीएम शरद मिश्रा, मिल के अन्य अधिकारी, किसान नेता और किसान मौजूद रहे।

 

 

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