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बरेली: झारखंड से संचालित हो रहे अफीम तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, एसओजी और सुभाषनगर पुलिस ने दो किलो अफीम के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर दबोचे।

बरेली: झारखंड से संचालित हो रहे अफीम तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, एसओजी और सुभाषनगर पुलिस ने दो किलो अफीम के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर दबोचे।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बरेली: जनपद में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत बरेली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसओजी और थाना सुभाषनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने झारखंड से अफीम लाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में खपाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 1.971 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की अफीम और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस इस तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसकी सप्लाई चेन को खंगालने में जुट गई है।

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, गत 21 जुलाई को पुलिस को मुखबिर के जरिए एक शातिर गिरोह के सक्रिय होने की सटीक सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर एसओजी और सुभाषनगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बदायूं रोड से मिलक रौंधी मार्ग पर जाल बिछाकर घेराबंदी की। पुलिस को आता देख संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने दोनों को दबोच लिया।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान सर्वेश कुमार (निवासी: सिरौली, जनपद बरेली) और रामवृक्ष कुमार (निवासी: चतरा, झारखंड) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा ली गई तलाशी के दौरान आरोपी सर्वेश कुमार के पास से 967 ग्राम और रामवृक्ष के कब्जे से 1 किलो 4 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई।

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने इस बात का खुलासा किया है कि वे झारखंड के विभिन्न इलाकों से सस्ते दामों पर अफीम लाकर बरेली और उसके आसपास के जनपदों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करते थे। पुलिस का मानना है कि यह दोनों किसी बड़े और संगठित तस्करी नेटवर्क का मोहरा हो सकते हैं। आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से इस अवैध धंधे में जुड़े अन्य मुख्य सरगनाओं और गुर्गों की तलाश की जा रही है।

थाना सुभाषनगर में पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों के इस अवैध कारोबार में संलिप्त अन्य चेहरों को बेनकाब करने और पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है।

 

 

 

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