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संविधान दिवस पर बच्चों को बताया बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का योगदान। 

संविधान दिवस पर बच्चों को बताया बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का योगदान। 

अमित कुमार ओझा, संवाददाता 

चहनियां, चंदौली। कम्पोजिट विद्यालय हृदयपुर में बुधवार को संविधान दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान दिवस की शपथ ली। इस दौरान बच्चों को बाबा साहब अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रधानाध्यापक बीरेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान स्वीकार किया गया था। तब से देश बाबा साहब द्वारा बनाए गए संविधान के मार्गदर्शन पर निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान सभा के विद्वान सदस्यों ने अथक मेहनत से ऐसा संविधान बनाया, जिसने भारत को मजबूती देने की नींव रखी।

शिक्षक नंद कुमार शर्मा ने बच्चों को संविधान की प्रस्तावना से अवगत कराते हुए कहा कि संविधान दिवस मनाने का उद्देश्य बच्चों को जागरूक करना, उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देना और मौलिक अधिकारों की रक्षा के प्रति सचेत करना है। उन्होंने बताया कि भारत रत्न डॉ. अंबेडकर को विश्वभर में मानवाधिकारों के रक्षक और सामाजिक न्याय के प्रतीक के रूप में सम्मान प्राप्त है।

कार्यक्रम में पूजा सिंह, रूबी सिंह, ममता रानी गुप्ता, गौतमलाल, विजय राज रवि, लक्ष्मीकांत तिवारी, प्रदीप कुमार सिंह, उमा चौबे, उमेश, रामभजन, सुशीला देवी, मंजू देवी, रसोइया तारा देवी, तेतरा देवी, पिंकी रानी, केवला देवी सहित विद्यालय के सभी बच्चे उपस्थित रहे।

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