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गंजडुंडवारा में मकानों में दरारें आने पर सक्रिय हुआ प्रशासन, एसडीएम ने किया मौका मुआयना और दिए मदद के निर्देश।

गंजडुंडवारा में मकानों में दरारें आने पर सक्रिय हुआ प्रशासन, एसडीएम ने किया मौका मुआयना और दिए मदद के निर्देश।

संवाददाता, वसीम कुरैशी 

गंजडुंडवारा, कासगंज। कस्बा के मोहल्ला बरी थोक चौक में पिछले कई दिनों से मकानों में पड़ रही गहरी दरारों के मामले में आखिरकार शनिवार को प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मोहम्मद नासिर ने नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचकर प्रभावित मकानों का बारीकी से निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने सभी प्रभावितों को हरसंभव प्रशासनिक मदद का भरोसा दिलाते हुए एहतियात के तौर पर क्षतिग्रस्त मकानों से दूर रहने की अपील की है।

मोहल्ला बरी थोक चौक क्षेत्र में पिछले लगभग एक सप्ताह से अचानक कई मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें उभर आई हैं। स्थिति यह है कि कई जगहों पर दीवारें बीच से चटक चुकी हैं तो कुछ दो मंजिला मकानों की दीवारों और छतों में लंबी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए कई डरे हुए परिवारों ने संभावित बड़े हादसे की आशंका के चलते अपने घर खाली कर दिए हैं और वे सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। इससे पहले शुक्रवार शाम को नगर पालिका परिषद की ओर से मुनादी कराकर लोगों को एहतियातन मकान खाली करने की सलाह दी गई थी और सुरक्षा की दृष्टि से उस संकरी गली को अस्थायी रूप से बंद भी कर दिया गया था।

शनिवार को नगर पालिका परिषद के ईओ प्रभारी एवं एसडीएम मोहम्मद नासिर खुद मोहल्ला बरीथोक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आसपास के लोगों को चेतावनी दी कि वे दरकते मकानों के पास से गुजरने से बचें और अनावश्यक आवाजाही न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जांच पूरी नहीं कर ली जाती, तब तक इन खतरनाक भवनों से दूरी बनाए रखना ही बुद्धिमत्ता होगी। नगर पालिका की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए प्रभावित क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड भी लगवा दिए गए हैं, ताकि कोई अनजान व्यक्ति जोखिम भरे मकानों के नजदीक न जाए। एसडीएम ने यह भी आश्वस्त किया कि मकान खाली करने के बाद यदि किसी परिवार को रहने में परेशानी आ रही है, तो उनके लिए आवास की वैकल्पिक व्यवस्था पालिका प्रशासन द्वारा कराई जाएगी।

दूसरी ओर, अपने आशियानों को बचाने के लिए प्रभावित भवन स्वामियों ने अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। कई लोग मकानों के नीचे लकड़ी के मजबूत खंभे लगाकर और ईंटों की अस्थायी दीवारें खड़ी करके भवनों को गिरने से संभालने की जद्दोजहद में जुटे हैं। इस बीच, पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द तकनीकी विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम बुलाई जाए, ताकि इन खतरनाक दरारों के असल कारणों की वैज्ञानिक जांच हो सके और सरकार की ओर से उन्हें आवश्यक मुआवजा व सहायता प्रदान की जा सके।

 

 

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