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फ्यूचर लीडर्स स्कूल में परीक्षा तनाव प्रबंधन पर संगोष्ठी, विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र।

फ्यूचर लीडर्स स्कूल में परीक्षा तनाव प्रबंधन पर संगोष्ठी, विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र।

बिल्सी (बदायूं)। अर्धवार्षिक परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखने और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से फ्यूचर लीडर्स स्कूल में परीक्षा तनाव प्रबंधन विषय पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के बारे में उपयोगी सुझाव दिए।

संगोष्ठी में शिक्षक केशव शर्मा, सिदरा खान, चमन सक्सेना, निकिता गुप्ता और रूबी मौर्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसे लेकर अनावश्यक भय और दबाव नहीं लेना चाहिए। नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास और योजनाबद्ध तैयारी से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

शिक्षकों ने विद्यार्थियों को कठिन विषयों को छोटे-छोटे भागों में बांटकर पढ़ने, प्रत्येक विषय के लिए समय निर्धारित करने और नियमित रूप से पुनरावृत्ति करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि लिखकर अभ्यास करने और समय रहते पाठ्यक्रम पूरा करने से अंतिम समय की घबराहट कम की जा सकती है। अत्यधिक तनाव का असर एकाग्रता, स्मरण शक्ति और स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है, इसलिए शांत मन से पढ़ाई करना जरूरी है।

कार्यक्रम में स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों को पर्याप्त नींद लेने, पौष्टिक भोजन करने, पानी पीने और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालने की सलाह दी गई। शिक्षकों ने कहा कि परीक्षा संबंधी चिंता होने पर विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों से खुलकर बात करनी चाहिए।

विद्यालय के निदेशक वी.पी. सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों को आत्मविश्वासी, मानसिक रूप से मजबूत और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाना और उन्हें उचित मार्गदर्शन देना आवश्यक है।

प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सिंह ने नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय प्रबंधन को सफलता का आधार बताया। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें सहयोग और प्रोत्साहन देने की अपील की।

प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता और गति अलग होती है। ऐसे में दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी प्रगति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और पूरी तैयारी के साथ अर्धवार्षिक परीक्षाओं में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि मेहनत, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा का सामना करना चाहिए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तनाव से बचाते हुए उनकी शैक्षणिक क्षमता और मानसिक मजबूती को बढ़ावा देना रहा।

 

 

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