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सरकारी जमीन और नाले से कब्जा हटाने की मांग, भाकियू चढ़ूनी का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी।

सरकारी जमीन और नाले से कब्जा हटाने की मांग, भाकियू चढ़ूनी का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी।

बदायूं। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष सतीश साहू के नेतृत्व में मालवीय आवास गृह पर सरकारी जमीनों और सार्वजनिक रास्तों पर कथित अवैध कब्जों के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे किसान नेताओं ने प्रशासन से संबंधित स्थलों की निष्पक्ष पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

धरने का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों, सार्वजनिक रास्तों और नालों पर कथित कब्जों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द पैमाइश कराकर अतिक्रमण नहीं हटाया गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होगा।

सरकारी जमीन और रास्ता बंद करने के लगाए आरोप

धरने के दौरान वक्ताओं ने बीएसएनएल कार्यालय के पीछे नई सराय क्षेत्र में स्थित सरकारी जमीन, करीब आठ फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते और मुख्य नाले पर कथित कब्जे का मुद्दा उठाया। दिलशाद अब्बासी ने आरोप लगाया कि रास्ता बंद कर अस्पताल के पास स्थित सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है। वहीं, शरीफ अब्बासी ने अस्पताल परिसर में संचालित मेडिकल को भी सरकारी जमीन पर बने होने का आरोप लगाते हुए रास्ते पर आवागमन बाधित किए जाने की बात कही। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किसान नेताओं ने आशंका जताई कि मुख्य नाले की जमीन पर कथित अवैध निर्माण से जलनिकासी प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि समय रहते नाले और सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

संगठन की प्रमुख मांगों में बीएसएनएल कार्यालय के पीछे स्थित सरकारी जमीन और रास्तों की निष्पक्ष पैमाइश, सार्वजनिक रास्ते तथा मुख्य नाले से कथित कब्जे हटाना और सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना शामिल है। इसके अलावा भगवान दास प्रेमा के नेतृत्व में प्रेमा की जमीन से कथित कब्जा हटाने की मांग भी उठाई गई।

धरने में जिलाध्यक्ष सतीश साहू, बीयीशुदास, लईल अब्बासी, दिलशाद अब्बासी, यादवेंद्र सिंह, नूरुद्दीन, शरीफ, भगवान दास प्रेमा, परवेज, बादशाह, कल्लू, जुबैर, अबरार, सुभान, मुनव्वर, नौशाद, इस्लाम रजा और ताहिर अब्बासी सहित संगठन के कार्यकर्ता तथा स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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