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बरेली: मैट्रिमोनियल साइट पर दोस्ती, फर्जी आधार से बैंक खाता और 62 लाख की साइबर ठगी: बरेली पुलिस ने दबोचा शातिर।

मैट्रिमोनियल साइट पर दोस्ती, फर्जी आधार से बैंक खाता और 62 लाख की साइबर ठगी: बरेली पुलिस ने दबोचा शातिर।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बरेली। विवाह का झांसा देकर महिलाओं से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के शातिर सदस्य को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए केनरा बैंक में खाता खुलवाकर लगभग 62 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन को अंजाम दिया था। कोतवाली पुलिस ने आरोपी को विलयधाम फ्लाईओवर के नीचे से धर दबोचा।

कई राज्यों में फैला था ठगी का जाल

पुलिस के अनुसार, इस मामले की जांच 9 अप्रैल को मिली एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी। बैंक खाते की गहन छानबीन से यह खुलासा हुआ कि वह खाता पूरी तरह से फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर संचालित हो रहा था और उसमें साइबर अपराध से जुड़ी भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई थी। तकनीकी सर्विलांस और बैंकिंग दस्तावेजों की मदद से पुलिस इस शातिर नेटवर्क तक पहुंचने में कामयाब रही।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान जसविंदर सिंह (42), निवासी ऊधमसिंहनगर (उत्तराखंड) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाया और बैंक में खाता खुलवाया। पुलिस ने उसके पास से एक वास्तविक आधार कार्ड की छायाप्रति भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए किया गया था।

मैट्रिमोनियल साइट्स बनती थीं जरिया

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मैट्रिमोनियल वेबसाइटों के माध्यम से महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना समेत देश के कई राज्यों की महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। पहले वे महिलाओं से सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए गहरी दोस्ती और भरोसा कायम करते थे, और फिर शादी का झांसा या आपातकालीन जरूरतों का बहाना बनाकर फर्जी खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा लेते थे। फिलहाल जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ठगी गई रकम को आगे किन-किन खातों में भेजा गया था।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है, और अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस से समन्वय किया जा रहा है।

एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर ने बताया कि यह मामला एक संगठित साइबर ठगी से जुड़ा हुआ है और बैंक खातों के डिजिटल लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मैट्रिमोनियल साइटों पर अनजान व्यक्तियों से जुड़ते समय पूरी सावधानी बरतें, किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन से बचें और कोई भी संदिग्ध मांग सामने आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें।

बाइट- मनीष चंद्र सोनकर एसपी क्राइम बरेली।

 

 

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