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सहसवान: फर्जी पहचान पत्र से जमीनों के बैनामे का आरोप, तत्कालीन तहसीलदार समेत आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज।

फर्जी पहचान पत्र से जमीनों के बैनामे का आरोप, तत्कालीन तहसीलदार समेत आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज।

प्रधान संपादक, रवि कुमार शाक्य 

सहसवान, बदायूं: सहसवान तहसील क्षेत्र में फर्जी पहचान पत्र और कूटचरित दस्तावेजों के आधार पर मृतक व लावारिस खातेदारों की जमीनों का बैनामा कराने का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बदायूं के आदेश पर सहसवान कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार, नायब तहसीलदार और क्षेत्रीय लेखपाल सहित आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सुजावली निवासी वादी व ग्राम प्रधान ब्रह्मचारी पुत्र लक्ष्मी नारायण ने न्यायालय में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने मुकदमा संख्या 492/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले में ये बने नामजद आरोपी:

  • कुंवरपाल पुत्र रूपराम (निवासी पावड़ पुख्ता, सहसवान)
  • लालाराम पुत्र रूपराम (निवासी पावड़ पुख्ता, सहसवान)
  • नेत्रपाल पुत्र गुलफान (निवासी पावड़ पुख्ता, सहसवान)
  • लालाराम उर्फ लालू पुत्र खुशीराम (निवासी सुजावली)
  • राजपाल पुत्र रामधुन (निवासी कुमरौआ, कासगंज)
  • अच्छेलाल (क्षेत्रीय लेखपाल)
  • अनंगराज (नायब तहसीलदार)
  • हरीश चंद्र (तत्कालीन तहसीलदार)

शिकायत के अनुसार, पावेड़ पुख्ता स्थित गाटा संख्या 966, 967 व 975 के मूल खातेदार राजपाल गांव छोड़कर जा चुके थे। आरोप है कि कुंवरपाल ने राजपाल के नाम से कथित रूप से फर्जी पहचान पत्र बनवाकर खुद को राजपाल दर्शाया और 28 जुलाई 2022 को अपनी पत्नी के नाम जमीन का बैनामा करा लिया। हालांकि, यह बैनामा सिविल जज जूनियर डिवीजन सहसवान द्वारा 25 फरवरी 2025 को निरस्त किया जा चुका है।

इसी तरह पावेड़ पुख्ता के गाटा संख्या 1070 व 1067 के मृतक खातेदार भूपाल के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर बैनामा कराया गया। तीसरे मामले में ग्राम हरदत्तपुर स्थित गाटा संख्या 11 की जमीन का कूटचरित पहचान पत्र के जरिए लालाराम उर्फ लालू ने अपनी बहू के नाम बैनामा कराने का आरोप है।

वादी का आरोप है कि इन फर्जी बैनामों और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में राजस्व अधिकारियों की भी सांठगांठ रही। एसएसपी से शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर वादी ने कोर्ट की शरण ली थी। फिलहाल सहसवान पुलिस ने सभी नामांतरण अभिलेखों, रजिस्ट्री दस्तावेजों और पहचान पत्रों की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

 

 

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