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कासगंज: गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांव टापू में तब्दील, सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न और आवागमन ठप।

कासगंज: गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांव टापू में तब्दील, सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न और आवागमन ठप।

संवाददाता, जुम्मन कुरैशी 

कासगंज: जनपद कासगंज की तहसील पटियाली क्षेत्र में गंगा नदी का रौद्र रूप एक बार फिर ग्रामीणों के लिए भारी आफत बनकर टूटा है। नगला हंसी से राजेपुर कुर्रा तक स्थायी बांध (तटबंध) न होने का खामियाजा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पानी खेतों को डुबोता हुआ करीब चार किलोमीटर दूर स्थित गांवों की दहलीज तक जा पहुंचा है। रविवार देर शाम जलस्तर में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद मूजखेड़ा, नगला दुर्जन, नगला नरपत, नगला खना, नगला पदम और नगला जयकिशन समेत आसपास के इलाकों में दहशत और चिंता का माहौल है।

टापू में बदले इलाके, फसलें हुई जलमग्न तटीय इलाकों में गंगा का पानी भर जाने से पूरा क्षेत्र टापू जैसा नजर आ रहा है। खेतों में खड़ी मक्का, बाजरा, धान और अरबी की सैकड़ों बीघा फसलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। महीनों की कड़ी मेहनत और पूंजी डूबने से किसानों के चेहरों पर भारी आर्थिक नुकसान की चिंता साफ देखी जा सकती है। स्थानीय किसानों का कहना है कि पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। अगर जल्द पानी नहीं उतरा, तो किसानों का सब कुछ बर्बाद हो जाएगा।

पुलियां कटने से संपर्क टूटा, नाव बनी सहारा नगला हंसी से मूजखेड़ा मार्ग पर स्थित तीन पुलियां तेज बहाव में कट गई हैं, जिससे सड़क पर गंगा का पानी तीव्र गति से बह रहा है और गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह कट गया है। हालांकि, कटान वाले स्थानों पर प्रशासन द्वारा आवागमन के लिए नावों की व्यवस्था की गई है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के राशन और जरूरी सामान के लिए जोखिम भरा सफर तय करना पड़ रहा है। मूजखेड़ा में करीब 55 से अधिक परिवारों की लगभग 550 की आबादी निवास करती है, जिनके लिए जलभराव और तेज बहाव के बीच बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को निकालना एक विकराल चुनौती बन गया है।

प्रशासन की सक्रियता और राहत सामग्री का वितरण स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नगला हंसी से राजेपुर कुर्रा तक जल्द से जल्द स्थायी तटबंध का निर्माण कराया जाए ताकि हर साल आने वाली इस आपदा से स्थायी निजात मिल सके। इसके अलावा कटी हुई पुलियों पर तत्काल अस्थायी व्यवस्था कर आवागमन बहाल करने और ठप पड़ी विद्युत आपूर्ति को तुरंत ठीक करने की मांग की गई है।

सोमवार को भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा व पार्टी पदाधिकारी बाढ़ प्रभावित मूजखेड़ा गांव पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों को राहत सामग्री का वितरण किया। राहत सामग्री मिलने से ग्रामीणों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है, लेकिन वे इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

बाइट – रामनरेश, स्थानीय ग्रामीण 

बाइट – किताब सिंह, स्थानीय ग्रामीण।

 

 

 

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