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राप्ती नदी की कटान से 500 बीघा धान-गन्ने की खेती बर्बाद, किसानों में हाहाकार।

राप्ती नदी की कटान से 500 बीघा धान-गन्ने की खेती बर्बाद, किसानों में हाहाकार।

रिपोर्ट : गुलाम नबी कुरैशी, संवाददाता 

बलरामपुर। जिले में राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आते ही अब किसानों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। बलरामपुर तहसील मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर बेलवा सुल्तान जोत गांव में नदी किनारे तेज कटान के कारण दर्जनों किसानों की उपजाऊ जमीन और फसल नदी में समा गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस कटान से अब तक लगभग 500 बीघा धान और गन्ने की खेती पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। कई किसानों ने बताया कि उनके 20, 25, 30 से लेकर 45 बीघा तक खेत नदी की लहरों में समा गए। इससे उनकी सालभर की मेहनत और परिवार की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

किसानों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और प्रशासन दोनों इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन हैं। ग्राम प्रधान ने अभी तक इस भारी नुकसान की सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं दी है और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचा है।

ग्रामीणों ने बताया कि कटान से लगातार उनकी जमीनें नदी में जा रही हैं। वे पहले ही खेती के लिए कर्ज लेकर परेशान हैं और अब फसल और खेत दोनों खत्म होने से हालात बद से बदतर हो गए हैं। किसानों का कहना है कि उनकी बेटियों की शादी और परिवार का पालन-पोषण अब संकट में पड़ गया है। कुछ किसानों ने तो यहां तक कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो उन्हें गांव छोड़कर पलायन करना पड़ेगा।

इस मामले पर जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन नदी कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहा है और किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी किसान को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

Byte – पीड़ित किसान

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