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माता काली शक्तिपीठ छछऊ धाम से निकली भव्य नारियल विसर्जन यात्रा, कछला घाट पर 21 हजार एक नारियल विसर्जित।

माता काली शक्तिपीठ छछऊ धाम से निकली भव्य नारियल विसर्जन यात्रा, कछला घाट पर 21 हजार एक नारियल विसर्जित।

संवाददाता: शैलेन्द्र सिंह

बदायूं। जनपद के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माता काली शक्तिपीठ छछऊ धाम से श्रद्धा और भक्ति के बीच भव्य नारियल विसर्जन यात्रा निकाली गई। यात्रा में माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। छछऊ धाम से शुरू हुई यात्रा कछला स्थित गंगा घाट पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ 21 हजार एक नारियलों का विसर्जन किया गया।

इस अवसर पर माता काली शक्तिपीठ छछऊ धाम के महंत मुकेश पुजारी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यात्रा के धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी परंपराओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नारियल विसर्जन की परंपरा माता काली के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास से जुड़ी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नारियल को पवित्र माना जाता है और श्रद्धालु इसे अपनी मनोकामनाओं तथा धार्मिक संकल्पों के साथ माता रानी को समर्पित करते हैं।

यात्रा के शुभारंभ के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। माता काली के जयकारों के बीच श्रद्धालु गंगा घाट के लिए रवाना हुए। पूरे आयोजन में भक्ति और धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने इस यात्रा को माता रानी के प्रति अपनी आस्था, समर्पण और विश्वास की अभिव्यक्ति बताया।

इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से सनातन संस्कृति और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं के प्रति श्रद्धा का संदेश भी दिया गया। आयोजन ने श्रद्धालुओं को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था पर नजर रखी, जिससे धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

कछला गंगा घाट पर 21 हजार एक नारियलों के विसर्जन के साथ यह धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। माता काली शक्तिपीठ छछऊ धाम की इस यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति प्रमुख रूप से देखने को मिली।

 

 

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