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बदायूं: रामा हॉस्पिटल में होमगार्ड की मौत, इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप और पुलिस-प्रबंधन पर उठे सवाल।

रामा हॉस्पिटल में होमगार्ड की मौत, इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप और पुलिस-प्रबंधन पर उठे सवाल।

बदायूं। बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित रामा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक होमगार्ड की मौत से हड़कंप मच गया है। होमगार्ड को पथरी की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां ऑपरेशन के बाद उसका इलाज चल रहा था, लेकिन इसी दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि पिछले 10 से 12 दिनों के भीतर रामा हॉस्पिटल में यह तीसरी मौत है। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन और पुलिस के बीच कथित सांठगांठ के भी आरोप लगाए गए हैं, जिसमें परिजनों का कहना है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होती और उल्टा पीड़ित पक्ष पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।

मृतक होमगार्ड जगदीश चंद्र को पथरी की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया और इसके बाद इलाज जारी था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि मरीज को ऑपरेशन के बाद पर्याप्त चिकित्सकीय निगरानी नहीं मिली और समय पर उचित इलाज नहीं किया गया।

इस पूरे मामले में परिजनों ने रामा हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि पिछले 10 से 12 दिनों में अस्पताल में यह तीसरी मौत है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर मनमानी और इलाज में लापरवाही के आरोप लगाने के साथ-साथ पुलिस से कथित सांठगांठ के भी आरोप लगाए हैं। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती और कई मामलों में पीड़ित परिवारों पर ही पुलिस कार्रवाई कर दी जाती है। हालांकि, पुलिस और अस्पताल प्रबंधन के बीच सांठगांठ के इन आरोपों की अभी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

होमगार्ड की मौत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इलाज में वास्तव में लापरवाही हुई? क्या अस्पताल में लगातार हो रही मौतों की स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन द्वारा जांच कराई जाएगी? और अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे और मामले में अस्पताल प्रबंधन तथा पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी बाकी है।

बाईट- परिजन

 

 

 

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