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शाहजहांपुर: स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में पॉक्सो अधिनियम पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित।

स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में पॉक्सो अधिनियम पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित।

संवाददाता, मुबारक अली 

शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संकाय स्थित विधिक सहायता केंद्र द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में पॉक्सो अधिनियम, 2012 पर एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनपद एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय, विशिष्ट अतिथि अपर जनपद न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अपेक्षा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने पॉक्सो अधिनियम के मूल उद्देश्यों और बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनों के साथ-साथ समाज में उनके प्रावधानों की सटीक जानकारी और उनका प्रभावी अनुपालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पॉक्सो से जुड़े मामलों में पीड़ित बच्चों को पूरी तरह भयमुक्त वातावरण प्रदान करने, अत्यंत संवेदनशीलता के साथ बयान दर्ज करने और उन्हें आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराने की बात कही।

समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं अपर जिला व सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा ने पॉक्सो कानून के विभिन्न प्रावधानों और बच्चों के लिए विशेष कानूनी संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(3) के तहत महिलाओं और बच्चों के कल्याण व सुरक्षा के लिए बनाए गए विशेष संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी भी साझा की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अपेक्षा सिंह ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए बताया कि पॉक्सो अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को यौन अपराध, यौन उत्पीड़न और बाल अश्लीलता से कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने बच्चों को ‘गुड टच और बैड टच’, किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार की तत्काल रिपोर्टिंग और अपने विधिक अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून बालक और बालिका दोनों पर समान रूप से लागू होता है।

इस अवसर पर विधि अध्ययन संकाय के छात्र-छात्राओं ने प्रदीप कुमार सिंह के निर्देशन में ‘काश! किसी ने सुना होता’ शीर्षक से एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया, जिसके माध्यम से पॉक्सो कानून और बाल सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को बड़े ही प्रभावी ढंग से दर्शकों के सामने रखा गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर डॉ. अनुराग अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं से विधिक ज्ञान अर्जित कर समाज के विभिन्न वर्गों में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों के साथ संवेदनशील, सहयोगी और विश्वासपूर्ण व्यवहार बनाए रखने की अपील की।

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