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बरेली में फर्जी पत्रकार और अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़: दो आरोपी गिरफ्तार, दो लाख से अधिक की उगाही का खुलासा।

बरेली में फर्जी पत्रकार और अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़: दो आरोपी गिरफ्तार, दो लाख से अधिक की उगाही का खुलासा।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बरेली। पत्रकारिता और सरकारी महकमों की आड़ में लोगों से अवैध वसूली करने वाले एक शातिर गिरोह का देवरनियां और भोजीपुरा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से पर्दाफाश किया है। यह गिरोह खुद को कभी प्रतिष्ठित मीडिया का पत्रकार तो कभी मत्स्य विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर विशेष रूप से मछली पालकों को अपना निशाना बनाता था। कानूनी कार्रवाई और जेल भेजने का खौफ दिखाकर अब तक दो लाख रुपये से अधिक की रकम ऐंठी जा चुकी है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके अन्य साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।

पुलिस के खुलासे के मुताबिक, भोजीपुरा क्षेत्र के रहने वाले सालिम रजा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ शातिर खुद को मत्स्य विभाग का अधिकारी बताकर उनके पास पहुंचे। उन्होंने नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया और उनसे 70 हजार रुपये ऐंठ लिए। इतना ही नहीं, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। जब वही शातिर आरोपी दोबारा पैसे वसूलने के लिए पहुंचा, तो सतर्क पीड़ित ने उसे दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान साजिद (निवासी घंघोरा पिपरिया) के रूप में हुई है।

इस कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई और देवरनियां क्षेत्र के भूला भुलनिया गांव निवासी प्यारे लाल का मामला भी सामने आया। इनसे भी खुद को मत्स्य अधिकारी बताकर 13 हजार रुपये की जबरन वसूली की गई थी। इस मामले में देवरनियां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मो. आजम को स्थानीय रेलवे स्टेशन के पास से धर दबोचा।

कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं। वे बाकायदा योजना बनाकर मछली पालन का काम करने वालों को निशाना बनाते थे और विभागीय जांच व मुकदमे का भय दिखाकर नकद के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी पैसे ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस के हाथ इस गिरोह के कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और चैटिंग के स्क्रीनशॉट भी लगे हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह अब तक दो लाख रुपये से ज्यादा की अवैध उगाही को अंजाम दे चुका है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर इज्जतनगर निवासी रिजवान खान, कासगंज निवासी बसंत शर्मा और अरविंद नाम के शख्स के नाम भी प्रकाश में आए हैं। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीमें दबिश दे रही हैं।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फर्जी पहचान पत्र या रौब दिखाकर वसूली करने वालों के खिलाफ अभियान और सख्त किया जाएगा। साथ ही, आमजन से अपील की गई है कि यदि कोई संदिग्ध खुद को अधिकारी या पत्रकार बताकर डराता-धमकाता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

इस पर्दाफाश और गिरफ्तारी में देवरनियां थाने के उपनिरीक्षक शेखर खोखर, भोजीपुरा थाने के उपनिरीक्षक तनवेश कुमार, सिपाही राजन, सिपाही संदीप कुमार (दोनों थाना देवरनियां) और हेड कांस्टेबल अंकुर कुमार (थाना भोजीपुरा) की मुख्य भूमिका रही।

 

 

 

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