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शाहजहांपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन: 18 साल पुराना पारिवारिक विवाद सुलझा, सात दंपतियों ने फिर थामा एक-दूसरे का हाथ।

शाहजहांपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन: 18 साल पुराना पारिवारिक विवाद सुलझा, सात दंपतियों ने फिर थामा एक-दूसरे का हाथ।

संवाददाता, मुबारक अली 

शाहजहांपुर। जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य शुभारंभ जिला जज धर्मेंद्र कुमार पांडे द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर सरकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, चेक बाउंस और पारिवारिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण किया गया।

शुभारंभ अवसर पर जिला जज के साथ मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेंद्र कुमार, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार, तृतीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति अग्रवाल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अपेक्षा सिंह और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार सिंह समेत कई अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

योजनाओं के लाभार्थी सम्मानित

कार्यक्रम की शुरुआत में जिला जज ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्रों को प्रमाण पत्र और उपकरण वितरित किए। इस दौरान दिव्यांग जनों को ट्राई साइकिल और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे गए, जिससे उनके चेहरों पर खुशी झलक उठी।

18 साल बाद टूटी दूरियां, सात जोड़े हुए एक

राष्ट्रीय लोक अदालत में सबसे खास आकर्षण पारिवारिक मामलों का समाधान रहा। आपसी सहमति से कुल सात दंपतियों ने अपने गिले-शिकवे भुलाकर एक बार फिर साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया। इनमें एक मामला ऐसा भी था जो पिछले करीब 18 वर्षों से लगातार चल रहा था। सुलह के बाद परिवारों के पुनर्मिलन से लंबी मुकदमेबाजी का अंत हुआ।

जेल के बंदियों की कला ने मोहा मन

जिला कारागार की ओर से एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें बंदियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक पेंटिंग, गमले और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और आम नागरिकों ने इस प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाई और बंदियों की रचनात्मकता की सराहना की। इस दौरान जेल अधीक्षक जेपी तिवारी सहित जेल के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।

एक करोड़ रुपये के मोटर क्लेम का निस्तारण

लोक अदालत में बीमा क्लेम से जुड़ा एक बड़ा मामला भी सुलझाया गया। ‘शिवानी बनाम हामिद एवं गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस कंपनी’ के मामले में वादिनी शिवानी को महज छह महीने के भीतर समझौते के तहत पूरे एक करोड़ रुपये का क्लेम दिलाया गया। इस त्वरित न्याय से वादिनी को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली। मामले के सफल निस्तारण में अधिवक्ता सैयद मुजीब अहमद, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि रिजवान अहमद और मैनेजर हरप्रीत सिंह का विशेष योगदान रहा।

 

 

 

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