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पटियाली क्षेत्र में बाढ़ का कहर: चार साल से बदहाल पुलिया और अधूरे बांध पर फूटा लोगों का गुस्सा।

 

पटियाली क्षेत्र में बाढ़ का कहर: चार साल से बदहाल पुलिया और अधूरे बांध पर फूटा लोगों का गुस्सा।

संवाददाता, वसीम कुरैशी 

पटियाली, कासगंज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने बाढ़ से जूझ रहे पटियाली विधानसभा क्षेत्र का शुक्रवार को दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नगला जयकिशन समेत करीब दो दर्जन प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों का दर्द जाना। स्थानीय ग्रामीणों ने चार साल से टूटी पड़ी पुलिया और क्षेत्र की बदहाली को लेकर कड़ा रोष जताया।

दौरे के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि नगला जयकिशन की पुलिया पिछले चार साल से टूटी हुई है, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। मौजूदा बाढ़ के चलते इस टूटी पुलिया से पानी का तेज बहाव हो रहा है, जिससे आसपास के कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। आवागमन ठप होने के साथ ही किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे उन्हें तगड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। मांग की गई है कि सरकार तुरंत सर्वे करवाकर किसानों को उनकी फसल बर्बादी का मुआवजा दे।

अब्दुल हफीज गांधी ने जोर देकर कहा कि इस पूरे इलाके की सबसे बड़ी मांग हंसी नगला से राजेपुर कुर्रा तक पक्के बांध का निर्माण है। पिछले साल जब जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह यहां आए थे, तो उन्होंने बांध बनवाने का वादा किया था। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कागजों से बाहर धरातल पर कुछ नहीं उतरा। हर साल आने वाली बाढ़ से लोगों को भारी नुकसान होता है, इसलिए इस स्थायी समस्या के समाधान के लिए बांध का काम जल्द शुरू होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि नगला जयकिशन के अलावा नरपत नगला और मूंजखेड़ा की पुलिया भी बुरी तरह टूटी हुई हैं, जिन्हें फौरन बनवाया जाए। बाढ़ के पानी से कई सड़कें बह गई हैं या गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। प्रशासन टूटी सड़कों की तुरंत मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम शुरू करे।

बाढ़ के बाद गांवों में मंडरा रहे स्वास्थ्य संकट पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने के कारण गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग गांवों में तुरंत फॉगिंग करवाए, दवाइयों का छिड़काव करे और लोगों के लिए मेडिकल कैंप लगाकर इलाज की पुख्ता व्यवस्था करे।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र की जनता लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हो रही है। हर साल आपदा आती है, फसलें और रास्ते तबाह होते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल आपदा के वक्त औपचारिकता निभाते हैं। समस्याओं का परमानेंट समाधान निकालने के लिए सालभर काम करने की जरूरत है।

इस मौके पर जगबीर सिंह प्रधान, रविंद्र सिंह, पप्पू, प्रदीप, सत्यवीर, देवराज, आलम सिंह, सतपाल सिंह, राजवीर, राय सिंह, सुधीश, उदयवीर सिंह और एजेंट सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत और स्थायी सुरक्षा की मांग दोहराई।

 

 

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