Breaking News

सहसवान: 108वें उर्स आला हज़रत पर मोहल्ला नवादा में हुआ वृक्षारोपण और महफ़िल का आयोजन, हाफ़िज़ इरफ़ान ने दी जानकारी।

सहसवान: 108वें उर्स आला हज़रत पर मोहल्ला नवादा में हुआ वृक्षारोपण और महफ़िल का आयोजन, हाफ़िज़ इरफ़ान ने दी जानकारी।

सहसवान (बदायूं): सहसवान के मोहल्ला नवादा स्थित इस्लाहुल मुस्लिमीन एजूकेशन वेलफेयर सोसाइटी में 108वें उर्स आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान क़ादरी रहमतुल्लाह अलैह के मुबारक मौके पर “आला हज़रत फ़ाज़िल-ए-बरेलवी” के नाम से एक विशेष वृक्षारोपण और बा-बर्कत महफ़िल का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत क़ारी अब्दुल हादी साहब द्वारा तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक और हम्द-ओ-सना के साथ हुई। इसके बाद विधिवत वृक्षारोपण कार्य संपन्न किया गया।

पेड़ लगाने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सोसाइटी के अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाफ़िज़ इरफ़ान ने कहा कि पेड़ लगाना सदक़ा-ए-जारिया है और इससे पर्यावरण पूरी तरह सुरक्षित रहता है। संसार की कु़दरती खूबसूरती और रौनक केवल पेड़-पौधों की हरियाली से ही मुमकिन है। इसके साथ ही उन्होंने आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान क़ादरी के जीवन और उनके महान कार्यों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि हमारा यह वृक्षारोपण अभियान आला हज़रत की बारगाह में खिराज-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश करने का एक जरिया है।

हाफ़िज़ इरफ़ान ने आगे कहा कि आला हज़रत बचपन से ही दीन-ए-इस्लाम के प्रचार-प्रसार में तल्लीन रहे। आपने बेहद कम उम्र में क़ुरान-ए-पाक हिफ़्ज़ कर लिया था और बचपन में ही तमाम उलूम व फुनून पर महारत हासिल कर ली थी। आप एक अजीम आलिम-ओ-फाजिल होने के साथ-साथ एक बेहतरीन लेखक और महान शायर भी थे। उन्होंने अपनी तहरीरों, तकरीरों और तहरीकों से इस्लाम की बेमिसाल खिदमत की।

उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि “मानव सेवा, राष्ट्र सेवा व शिक्षा के प्रति जागरूक करना ही सच्चा مسلک (मस्लक) ए आलाहज़रत है।” उनकी विश्वप्रसिद्ध किताब “हदाइक़े बख़्शिश” इश्क़-ए-रसूल (ﷺ) की गहरी मोहब्बत से लबरेज़ है। इस दौरान उन्होंने आला हज़रत का यह मशहूर शेर भी पढ़ा—

> “उनकी महक ने दिल के ग़ुन्चे खिला दिए हैं,

> जिस राह पर चल दिए हैं कूचे बसा दिए हैं।”

कार्यक्रम के अंत में बारगाह-ए-रिसालत में सलातो-सलाम पेश किया गया। इसके बाद देश, प्रदेश और कौम-ओ-मिल्लत की अमन-शांति, सलामती और तरक़्क़ी के लिए खास दुआ के साथ महफ़िल का समापन हुआ, जिसके पश्चात उपस्थित सभी लोगों में तबर्रुक तक़सीम किया गया।

इस आयोजन में मदरसे के तमाम छात्रों के अलावा क़ारी राशिद हुसैन साहब, शब्बू भाई, शाहनवाज़ बरकाती भाई, सोशल एक्टिविस्ट अजमल हुसैन और पैन्टर नौशाद भाई समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Spread the love

Check Also

राजकीय महिला महाविद्यालय में एनएसएस के तहत नशामुक्त भारत अभियान: छात्राओं ने निकाली साइकिल रैली, दिलाई गई शपथ।

राजकीय महिला महाविद्यालय में एनएसएस के तहत नशामुक्त भारत अभियान: छात्राओं ने निकाली साइकिल रैली, …