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फेस और आइरिस स्कैन के बाद ही मिलेगा परीक्षा केंद्र में प्रवेश, बदायूं में 24 केंद्रों पर 58,896 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा।

डीएम अवनीश राय ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, परीक्षा में लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई।

बदायूं। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित की जा रही प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अवनीश राय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फेस और आइरिस स्कैन की प्रक्रिया पूरी किए बिना किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि परीक्षा के आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी अवनीश राय ने परीक्षा की तैयारियों को लेकर केंद्र व्यवस्थापकों, जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पीईटी की परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा एक नवंबर 2026 को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी। जनपद में परीक्षा के लिए 24 केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 58,896 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए फेस और आइरिस स्कैन अनिवार्य रूप से कराया जाए। परीक्षा ड्यूटी में तैनात सभी कर्मचारियों से नो रिलेशन प्रमाणपत्र भी लिया जाएगा, जिसमें उन्हें यह प्रमाणित करना होगा कि संबंधित परीक्षा केंद्र पर उनका कोई रिश्तेदार परीक्षा नहीं दे रहा है। परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।

डीएम ने सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर पर्याप्त प्रकाश, पंखे, साफ-सफाई, महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग शौचालय और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा के दौरान असुविधा नहीं होनी चाहिए।

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, टैबलेट, पेनड्राइव, हार्ड डिस्क, डाटा कार्ड, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, इयरफोन, कलाई घड़ी, एटीएम कार्ड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने परिवहन और रेलवे अधिकारियों को भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के उचित परिचालन की व्यवस्था करने को कहा गया। वहीं, रेलवे स्टेशन मास्टर को ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान की नियमित उद्घोषणा कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी अभ्यर्थी ट्रेन की छत पर चढ़कर यात्रा न करे।

इसके अतिरिक्त सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास एंबुलेंस की व्यवस्था करने और प्रत्येक केंद्र के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए, ताकि आपात स्थिति से निपटने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अंजुम बी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

 

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