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दशक पुराने धोबी तालाब भूमि विवाद का निस्तारण, सौंदर्यीकरण की राह खुली।

दशक पुराने धोबी तालाब भूमि विवाद का निस्तारण, सौंदर्यीकरण की राह खुली।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बहेड़ी (बरेली)। नगर के बीच स्थित धोबी तालाब की भूमि को लेकर करीब एक दशक से चला आ रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया। एसडीएम गोपाल शर्मा के निर्देश पर बृहस्पतिवार को राजस्व टीम ने दोबारा पैमाइश कर तालाब और अन्य दावेदारों की भूमि की सीमाएं निर्धारित कीं। संबंधित पक्षों की सहमति के बाद तालाब की भूमि नगर पालिका को सौंप दी गई। विवाद का निस्तारण होने से अब तालाब के सौंदर्यीकरण की उम्मीद बढ़ गई है।

धोबी तालाब की भूमि की स्थिति स्पष्ट नहीं होने और राजस्व अभिलेखों से जुड़े विवाद के चलते मामला लंबे समय से लंबित था। इसके कारण तालाब के विकास की संभावनाएं भी प्रभावित हो रही थीं। पूर्व में कराई गई पैमाइश के बाद तैयार किए गए कुरों को लेकर आपत्ति सामने आने पर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी ने प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा था।

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम न्यायिक ने पूर्व आदेश निरस्त कर नए सिरे से पैमाइश कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद एसडीएम गोपाल शर्मा ने राजस्व टीम गठित कर मौके पर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी सौंपी।

बृहस्पतिवार को राजस्व टीम ने नगर पालिका के अधिकारियों और संबंधित पक्षों की मौजूदगी में दोबारा पैमाइश की। इस दौरान तालाब की भूमि के साथ अन्य दावेदारों की जमीन भी चिह्नित की गई और उनकी सीमाएं निर्धारित की गईं। पैमाइश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पक्षों की सहमति बनी और तालाब की भूमि नगर पालिका को सौंप दी गई।

करीब दस साल से विवाद में उलझे इस मामले का निस्तारण होने के बाद अब तालाब के कायाकल्प की उम्मीद जगी है। हालांकि, सौंदर्यीकरण का कार्य कब शुरू होगा और इसके तहत कौन-कौन से विकास कार्य कराए जाएंगे, इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब नगर पालिका की अगली कार्रवाई का इंतजार है।

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