Breaking News

रेखा आर्य प्रकरण के बाद पप्पू गिरधारी के बयान से बरेली में चर्चाएं तेज।

निष्पक्ष जांच की मांग, न्याय नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास पर धरने की चेतावनी।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बरेली। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े विवाद में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उनके पति और भाजपा नेता पप्पू गिरधारी का बयान सामने आया है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने अपने खिलाफ कथित फर्जी वीडियो और तहरीर के माध्यम से छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास पर धरना देंगे।

वीडियो में पप्पू गिरधारी ने कहा कि वह वर्ष 1995 से भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने मांग की कि यदि वह दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि वह निर्दोष साबित होते हैं तो शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने साथ हुए व्यवहार पर नाराजगी जताई। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मंदिर परिसर स्थित कार्यालय को लेकर भी चर्चा

बरेली में कारोबारी पहचान रखने वाले पप्पू गिरधारी बनखंडी नाथ मंदिर के संरक्षक हैं। मंदिर परिसर स्थित कार्यालय से वह निर्माण कार्यों और अन्य व्यवस्थाओं की देखरेख करते रहे हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उनके सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आने को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं, हालांकि उनकी गैरमौजूदगी के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल, मामले में एक ओर रेखा आर्य की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी है, वहीं दूसरी ओर पप्पू गिरधारी ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं। अब पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। जांच पूरी होने तक किसी भी आरोप को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

Spread the love

Check Also

लेखपाल पर रिश्वतखोरी के आरोप, भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन।

एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग, मांगें पूरी न होने पर …