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शाहजहांपुर: मसीहा बने डॉ. इमरान खान: गरीब बच्ची के दो महीने की दवाइयों का उठाया खर्च, पेश की इंसानियत की अनूठी मिसाल।

मसीहा बने डॉ. इमरान खान: गरीब बच्ची के दो महीने की दवाइयों का उठाया खर्च, पेश की इंसानियत की अनूठी मिसाल।

संवाददाता, मुबारक अली 

शाहजहांपुर: चिकित्सा जगत में अक्सर डॉक्टरों की संवेदनशीलता और सेवाभाव की कहानियां सुनने को मिलती हैं, लेकिन शाहजहांपुर में डॉ. मोहम्मद इमरान खान ने इंसानियत की एक ऐसी बेमिसाल दास्तां लिखी है जो हर किसी का दिल जीत रही है। बेहद गरीब परिवार की चार वर्षीय बच्ची के दिल का सफल ऑपरेशन होने के बाद, उसके आगे के स्वस्थ जीवन के लिए डॉ. इमरान खान ने दो महीने की सभी जरूरी दवाइयों का पूरा खर्च खुद उठाने का फैसला किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, इस नन्ही बच्ची के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। सामाजिक और जनसहयोग के जरिए बच्ची के दिल का जटिल ऑपरेशन तो करा दिया गया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद की महंगी दवाइयां और नियमित देखभाल इस गरीब परिवार के बस की बात नहीं थी। ऐसे में जब यह बात डॉ. इमरान खान तक पहुँची, तो उन्होंने एक जिम्मेदार चिकित्सक और इंसान होने का फर्ज निभाते हुए बिना देर किए बच्ची की दो महीने की दवाइयों की पूरी व्यवस्था अपने स्तर से करवा दी।

डॉक्टर का यह कदम इस बात का जीवंत उदाहरण है कि चिकित्सा का पेशा केवल इलाज और फीस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जरूरतमंदों के आंसू पोछने और उन्हें जीवनदान देने का एक पवित्र जरिया है।

डॉक्टर के इस निःस्वार्थ और मानवीय सहयोग से बच्ची के माता-पिता को बड़ी राहत मिली है। संकट के इस दौर में फरिश्ता बनकर आए डॉ. इमरान खान के प्रति परिवार ने हृदय से आभार व्यक्त किया है। परिजनों का कहना है कि ऐसे दयालु और संवेदनशील डॉक्टरों की वजह से ही आज मानवता पर से भरोसा कायम है।

डॉ. इमरान खान की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा है, जो यह सिखाती है कि किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला करने के लिए हमेशा बड़े धन-दौलत की नहीं, बल्कि एक बड़े और संवेदनशील दिल की जरूरत होती है। उनकी इस दरियादिली की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

 

 

 

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