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बरेली: पैतृक जमीन के नामांतरण विवाद में बहेड़ी तहसील की पानी की टंकी पर चढ़ी महिला, प्रशासन में मचा हड़कंप।

बरेली: पैतृक जमीन के नामांतरण विवाद में बहेड़ी तहसील की पानी की टंकी पर चढ़ी महिला, प्रशासन में मचा हड़कंप।

संवाददाता, मोहम्मद वसीम 

बरेली: पैतृक जमीन के नामांतरण को लेकर चल रहे विवाद ने सोमवार को उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब न्याय की मांग कर रही इज्जतनगर निवासी जयश्री गंगवार पानी की टंकी पर चढ़ गई। करीब डेढ़ घंटे तक टंकी पर खड़ी महिला ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया। महिला का आरोप था कि उसके पिता और दादी की मृत्यु के बाद भी जमीन का नामांतरण कर दिया गया। उसने कथित फर्जी दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए न्याय न मिलने पर बड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी थी।

मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में खलबली मच गई। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी (एसडीएम) गोपाल शर्मा ने महिला को काफी देर तक समझा-बुझाकर शांत किया। करीब 20 मिनट की बातचीत और निष्पक्ष कार्रवाई का ठोस भरोसा दिए जाने के बाद महिला नीचे उतरी, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी।

नीचे उतरने के बाद जयश्री गंगवार ने मीडिया और प्रशासन के सामने आरोप लगाया कि उसके पिता वीरेंद्र कुमार की मृत्यु 7 दिसंबर 2025 को हो चुकी थी, जबकि उसकी दादी इन्द्रा देवी का निधन 20 अक्टूबर 2024 को हुआ था। इसके बावजूद आरोप है कि 4 अप्रैल 2026 को गाटा संख्या 107 की जमीन का नामांतरण दूसरे पक्ष के नाम कर दिया गया। महिला ने सवाल उठाया कि जब संबंधित पक्ष के लोग इस दुनिया में ही नहीं थे, तो नामांतरण प्रक्रिया में उनके नाम से दस्तावेज और बयान किस आधार पर प्रस्तुत किए गए।

इसके अलावा, जयश्री ने वर्ष 2017 की एक कथित वसीयत पर भी सवालिया निशान लगाए। उसका दावा है कि जब उसके पिता की तबीयत खराब थी, तब कुछ लोग उन्हें गाड़ी में ले गए और कथित तौर पर फर्जी वसीयत तैयार करवा ली। इसी दस्तावेज को आधार बनाकर बाद में पैतृक संपत्ति पर अधिकार जताया गया। महिला ने राजस्व न्यायालय में चल रही कार्यवाही की भी निष्पक्ष पड़ताल की मांग की है।

महिला ने बहेड़ी के तहसीलदार भानु प्रताप पर भी सीधे गंभीर आरोप लगाए। उसका दावा है कि तहसील में भ्रष्टाचार बढ़ा है और बिना सुविधा शुल्क के काम नहीं होते। उसने मांग की कि तहसीलदार की तैनाती के बाद से अब तक पारित किए गए सभी विरासत और नामांतरण आदेशों की समीक्षा कराई जाए। हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए इन प्रशासनिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

जयश्री ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन के इस विवाद का विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी मिलने का दावा करते हुए बहेड़ी थाने में तहरीर दी है और सुरक्षा व कार्रवाई की मांग की है।

घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम गोपाल शर्मा ने महिला को आश्वस्त किया कि उसकी पूरी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने मामले में रिपोर्ट तलब की है, वहीं पुलिस को भी महिला की तहरीर पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

दूसरी ओर, जब इस पूरे प्रकरण पर तहसीलदार भानु प्रताप से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। फिलहाल, महिला के टंकी पर चढ़कर विरोध जताने की इस घटना से बहेड़ी तहसील की कार्यप्रणाली चर्चा का विषय बन गई है।

 

 

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